मोटापा कम करने के 10 घरेलू उपाय |

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मोटापा आज के समय में एक ऐसी समस्या और बीमारी हैजिससे की पुरे विश्व का हर दूसरा तीसरा व्यक्ति परेशान है।  मोटापा सिर्फ शारीरिक समस्या नही है ये तो वो स्थिति है जब हमारा शरीर अत्यधिक वसा एकत्रित करके अति वजनी या भारी दिखने लगता है।  साथ ही साथ यह हमारी मानसिकता पर भी अपना असर दिखाता है। मोटापा की वजह से जब हम अपने मन मुताबिक कुछ नही कर पाते तो ऐसी स्थिति में हमारे आत्मविश्वास पर भी असर दिखने लगता है। जैसे की मनपसंद कपड़े नही पहन पानामनपसंद खाना नही खा पानाअपने मन के अनुसार जीवन नही जी पाना इत्यादि हमारे आत्मविश्वास को बुरी तरह से प्रभावित कर देता है। दोस्तों या मित्रो के द्वारा मोटा कहकर मजाक उडाना भी हमे बहुत बुरा लगने लगता है जो समाजिक तौर पर भी हमारे मनोबल को कमजोर करता है। लोगो की मानसिकता भी ऐसे लोगो के लिएअलग ही हो जाती हैमोटे लोग को लोग आलसी समझने लगते है और ये सब प्रस्थितिया मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से बहुत ही असर दायक होती है।

मोटापा के कारण हमारी पर्सनालिटी भी दिखने में अच्छी नही लगती है और हम हीनभावना के शिकार हो जाते है। कभी कभी लोग मोटे लोगो को बहुत ज्यादा खानेवाले व्यक्ति के रुप में भी मजाक उड़ाते है और ऐसे में कुछ लोग अपना मोटापा कम करने के लिएकिसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते है। जबकि ऐसा करना बहुत ही भयावह होता हैऐसी स्थिति में बहुत सी बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है और कभी कभी ये जानलेवा भी साबित हो सकता है। क्योकिं तरह-तरह के नुस्खे और तरह-तरह की दवाईयां हमारे लिए हानिकारक भी हो सकते है। ऐसे में दोस्तों ये जानने की आवश्यकता है की मोटापा आखिर है क्याहम कैसे समझे की हमारा वजन अधिक है और इसे कम करने के लिए हमे क्या-क्या करना चाहिए तो आएये आज इसी विषय पर चर्चा करते है 

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मोटापा क्या है?

हमारे शरीर में जब सामान्य से अधिक वसा हो जाता है तो उस स्थिति को मोटापा कहा जाता है। मोटापा और शरीर का वजन बढ़ना (ओवरवेट) को आमतौर पर एक ही चीज समझा जाता हैलेकिन ये दोनों अलग स्थितियां हैं। यदि किसी व्यक्ति का वजन उसकी उम्र और लंबाई के अनुसार ज्यादा तो उसे ओवरवेट कहा जाता है। 

मोटापा का पैमाना और उससे होनेवाली बीमारियाँ 

दोस्तों आमतौर पर हम ये समझ लेते है की अगर किसी का शरीर भरा-भरा है तो वह व्यक्ति मोटापे का शिकार है लेकिन ऐसा होता नही है। मोटापे का पैमाना जांचने के लिए शरीर के भार और लम्बाई का अनुपात देखना अतिआवश्यक है। तभी हम तय कर पाएंगे की मोटापा है या नही।   

1. अगर किसी व्यक्ति के शरीर का भार या वजन 55 kg है और उसकी लम्बाई 170 cm है तो वो व्यक्ति मोटापे से ग्रसित है और उसका वजन ज्यादा है। अर्थात BMI (बॉडी इंडेक्स मास) के अनुसार पूरी लम्बाई में से 100 cm को घटा दिया जाये तो जो बचता है उतना ही वजन या भार स्टैंडर्ड या सामान्य वजन होता है और मोटापा नही होता चाहे शरीर कितना भी फुला हुआ हो। वही अगर इस अनुपात से ज्यादा हो तो वजन ज्यादा और कम हो तो वजन कम होता है।अर्थात बॉडी इंडेक्स मास के अनुसार शरीर का भार और लम्बाई के अनुपात ही यह निश्चित करता है की मोटापा है या नही।

2. मोटापा अपने आप में एक गंभीर बीमारी हैलेकिन मोटापा के प्रभाव से तरह तरह की बीमारियाँ हो जाती हैजैसे – मधुमेहउच्चरक्तचापहार्ट प्रॉब्लमकोलेस्ट्रोलऑस्टियो आर्थराइटिसकैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ भी हो सकती है और हो भी जाती है। 

मोटापा होने के कारण

मोटापे के यूं तो बहुत से कारण हो सकते हैलेकिन मुख्य कारणों में अत्यधिक भोजन वसायुक्त भोजनशारीरिक श्रम की कमीयोगव्यायाम की कमीअनियमित दिनचर्या या जीवनशैलीतैलीय पदार्थो का सेवनमैदे से बने हुए भोजन का अत्यधिक सेवनकुछ बीमारियों के कारण जो हार्मोनल चेंजेज होते है उसके कारण हुआ मोटापा (जैसे की थायोराएड की बीमारी)। गर्भावस्था के बाद होनेवाला मोटापा। दोस्तों ऐसे बहुत से कारण है जिसकी वजह से मोटापा हो जाता है। दोस्तों आइए हम ऐसे तरीको का उपयोग करके अपने मोटापे को कंट्रोल करने के साथ साथ कम भी कर सकते है। 

आइये जानते है इसे दूर करने के 10 उपाय –

(1) योगासन 

मोटापा को कम करने के लिएयोगासन करना बहुत ही महत्वपूर्ण है |कुछ ऐसे आसनों का प्रयोग करके हम मोटापा से छुटकारा पा सकते है।  

(A) वज्रासन (B) साइक्लिंग (C) सूर्य नमस्कार  (D) नौकासन  

मोटापा-योगा
योगासन

(2) प्राणायाम  

कपालभाती, उज्जायी प्राणायाम, अनुलोमविलोम और भस्त्रिका जैसे प्रणायाम को करके भी मोटापे को कम किया जा सकता है। 

 

मोटापा-प्राणायाम

 

(3) शारीरिक श्रम 

मोटापे को दूर करने या कम करने के लिएशारीरिक श्रम भी अति आवश्यक है। पैदल चलनातेज वाकिंग करनारस्सी कूदनादौड़ना जैसे शारीरिक कार्यों को करने से भी वजन कम होता है।मशीन के बजाय घरेलू कार्यों को खुद से करके भी वजन को कम किया जा सकता है। जैसे की कपडे धोनाघर की सफाई करनाबागवानी करनाकपड़े इस्त्री करनालिफ्ट के बदले सीढ़ियों का उपयोग करना इत्यादि कार्यो को करके भी वजन को कम किया जा सकता है।

(4) खानपान का रखे ख्याल 

मोटापा को कम करने के लिए डाइटिंग करना सही नही होता हैइसके बजाय कम तेलमसाले युक्त भोजन का सेवन करना उचित होता है। मैदा से बनी चीजों जैसे ब्रेडपिज्जा,बर्गर का सेवन कम से कम करना चाहिए। अगर संभव हो तो नही लेना चाहिए। फल और हरे सागसब्जियों का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। सब्जियों को सूप के रूप में और फलों को जूस के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है और ये हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। सेव के सिरके का प्रयोग बढ़े हुए वसा (फैट) को कम करने में सहायक होता है। दलियाओट्सउपमापोहा जैसे जल्दी पचनेवाले भोज्य पदार्थो का सेवन फायदेमंद होता है। वैसे ही ग्रीन टीब्लैक टीगरम पानी का सेवन निम्बू और शहद के साथ बेहद फायदेमंद होता है।

(5) गरम पानी का सेवन 

मोटापे को कम करने के लिए गरम पानी बहुत ही फायदेमंद होता है मोटापे को दूर करने के लिए गरम पानी का सेवन यूं तो प्रतिदिन जरुर करना चाहिए।  लेकिन अगर सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ निम्बू और शहद का प्रयोग किया जाये तो यह अत्यधिक फायदेमंद होता है। मधुमेह के रोगियों को शहद नही लेना चाहिएलेकिन सिर्फ गरम पानी और निम्बू का प्रयोग भी बहुत फायदेमंद होता है। 

(6) साबुत अनाज का प्रयोग

साबुत अनाज में कैलोरी और कार्ब्ज कम होते हैतो यह मोटापे को घटाने में सहायक होता है।मूंगचनागेहूसोयाबीन के बीज और बादाम (ALMOMD) को भींगो देफिर उसका उपयोग SPROUT के रूप में करे तो इसमें मौजूद फाइबर भी बहुत ही लाभकारी होता है। 

(7) मसालों का प्रयोग 

मोटापा-कम-करें

 

हमारे किचन में बहुत तरह के मसाले होते हैजो हमारे मोटापे को दूर करने में हमारी बहुत सहायता करते है। दालचीनीसौफ,आजवाईनहींगकलौंजीसेंधा नमक जैसे कुछ मसाले है जिनके प्रयोग से हम मोटापे को कम कर सकते है। दालचीनी का पाउडर बनाकर उसे खाली पेट गरम पानी के साथ प्रयोग करे। इससे हमारा मेटाबोलिज्म सही ढंग से काम करने लग जाता है और मोटापे को घटाने में सहायक होता है। ठीक इसी तरह सौफ का सेवन खाना खाने के बाद साबुत या उबले हुए पानी के रूप में प्रयोग करने से लाभ देता है। इसके सेवन से हमारी पाचनक्रिया तेजी से काम करने लगती है जो हमारे मोटापे को घटाने में अति सहायक होती है। हींगकलौंजी और आजवाइन का प्रयोग भी इसी तरह से करके हम अपना वजन आसानी से कम कर सकते है। 

(8) कार्ब्ज का सेवन कम करना

दोस्तों हमारे मोटापे को बढ़ने में कार्ब्ज की भी एक अहम् भूमिका होती है। अनेक शोधो से पता चलता है की कार्ब्ज का सेवन यदि कम मात्रा में किया जाए तो शरीर के भार में कमी जरुर आती है। चीनी या चीनी से बने मीठे पदार्थ मोटापे को बढ़ाने में और भी सहायक होते है। इसलिए अगर कुछ दिनों तक चीनी या चीनी से बने पदार्थो का सेवन बंद कर दिया जाए तो फर्क अवश्य दिखता है और मोटापा कम होने लगता है। अगर इन कार्ब्ज को छोड़कर अंडेमछलीसाबुत अनाजदूध और दही का प्रयोग किया जाए तो यह मोटापे को दूर करने में अति सहायक होता है।  

(9) फाइबर का उपयोग 

मोटापे को कम करने में फाइबर की भूमिका भी अति महत्वपूर्ण होती है। फाइबर का उपयोग अत्यधिक मात्र में करने से भी मोटापा घटाने में सहायता मिलती है। इसमें मौजूद (SOLUBLE FIBER) और (INSOLUBLE फाइबर) हमे यह एहसास कराता है की हमारा पेट भरा हुआ है और ज्यादा भूख भी महसूस नही होती है जिससे हम अत्यधिक खाना खाने से बचे रह सकते है। कच्ची सब्ब्जियाँ और फल जैसे – खीरातरबूजगाजर जैसी फाइबर युक्त चीजों से बना सलाद भी भूख को कम करके पेट को भराभरा भी महूसस कराता है। जिससे ओवर ईटिंग से बचा जा सकता हैऔर बढे हुए वजन को कंट्रोल किया जा सकता है।

(10) मीठे और नमकीन के अत्यधिक प्रयोग से बचना जरूरी

मोटापे में अत्यधिक मीठे या मीठे पदार्थो का सेवन जैसे चीनी या चीनी से बनी मिठाईयाचीनीयुक्त चायखीरकेकपेस्ट्रीआइसक्रीमचोकलेट जैसे चीजों के ज्यादा प्रयोग से भी मोटापा बहुतज्यादा बढ़ता है। अगर मोटापा है तो उसे बढ़ने में यह और भी सहायक होता है।इसिलिए मोटापे से ग्रसित लोगो का मीठे का सेवन कम करना चाहिए या नही खाना चाहिए। ठीक वैसे ही नमक या नमकीन पदार्थो का सेवन भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए। नमक में सोडियम पाया जाता है और इसके अधिक सेवन से शरीर फूलने लगता है अर्थात सूजन होने की भी संभावना हो सकती है। इसिलिए नमक का सेवन भी संतुलित मात्र में करना चाहिए।

दोस्तों उपरोक्त बातों के साथ-साथ मानसिक रूप से तैयार होना अति आवश्यक होता है। अगर मोटापा को कंट्रोल करना है तो मानसिक तैयारी भी आवश्यक है क्योकिं बहुत सी परेशानिया होती है तो इनका सामना करते हुए अपने मोटापे को कम करने के लिएअपने आपको मानसिक रूप से दृढ होना सबसे महत्वपूर्ण है। क्योकिं अपना मनपसंद भोजन छोड़नायोगासन करना हो या फिर पूरा रूटीन ही क्यों न चेंज करना पड़ेहर हाल में अपना वजन कम करना है, तो इस दृढ निश्चय के साथ रूटीन का पालन किया जाये तो हमारा मोटापा चाहे कितना भी हो कम होकर एक दिन ख़त्म हो ही जाता है और हमारा शरीर पूरी तरह फिट हो जाता है। 

तो दोस्तों कैसी लगी आप सबको मेरे द्वारा दी गई जाकारी अगर अच्छी लगे तो प्लीज़ कमेंट करें और साथ ही अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें। ऐसी ही जानकारी के लिए मुझे फॉलो जरुर करें।            –

 

 

 

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