Mansoon (मानसून) : परेशानियाँ एवं बचनें के उपाय | Mansoon in hindi

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मानसून 

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Mansoon (मानसून) का मौसम मतलब बारिस, बारिस यानि कि हरियाली, जहां देखों वहां फूलो का खिलना, बारिस में मोरों का नृत्य, पानी ही पानी और पानी से भरा आकाश जो देखने में ही खुबसूरत होता है और ऐसे मौसम में भीगने के साथसाथ गीली मिट्टी की गंध, हरियाली से भरे हुए माहौल और ऐसे में प्रकृति के साथसाथ त्योहारों का भी मौसम होता है सावन में शिवजी की पूजा, भाद्रपद में हरियाली तीज, विनायक चतुर्थी जैसे व्रतत्योहारों की प्रसन्नता से मन भर जाता है आपने मानसून में बारिस के गीत तो जरुर सुने होंगे जिन्हें सुनकर मन और भी प्रसंचित हो जाता है रिमझिम गिरे सावन”, “सावन आया बादल छाये बुलबुल चहकी फूल खिलेइत्यादि इसके साथ ही बारिस के मौसम में तरहतरह की बीमारियां भी पनपती है और शारीर में संक्रमण भी फैलता है इसलिए हमे इस मौसम में मन की हरियाली के साथ शरीर की सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरुरी है 

इस मौसम में संक्रमण और बीमारी से बचने के लिए यह बहुत ही जरुरी होता है की  साफसफाई का पूरापूरा ध्यान रखें और अपनी इम्युनिटी को बढ़ाये जिससे बिमारियोँ से दूर रह सकें मानसून में डेंगू, मलेरिया, जैसी बीमारियों के साथसाथ त्वचा का संक्रमण भी ज्यादा होता है। बारिस में भींगने की वजह से सर्दीजुकाम, खाँसी, बुखार जैसी परेशानिया भी होती हैमानसून के मौसम में हमे अपने जीवन शैली में भी बदलाव करना बहुत जरुरी होता है जिससे हम कम से कम बीमारियों के चपेट में सके इन परेशानियों से बचने के लिए बाहर का खाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। विशेषकर स्ट्रीट फूड्स बिल्कुल भी नही खायेंबारिश के मौसम में डायरिया, टायफायड, वायरल बुखार, गैस्ट्रो इन्टेन्सटाईन इन्फेक्शन और पेचिश जैसे रोग जो गंदे पानी से उत्पन होते है तथा फैलते है, की सम्भावना  अधिक बढ़ जाती है मानसून के मौसम में यह ध्यान रखना अतिआवश्यक है की सर्दी, खाँसी और फ्लू जैसी आम समस्याएं अधिक विस्तृत रूप लें क्योकिं जिनके शारीर में इम्युनिटी पावर कम होता है उन्हें अत्यधिक देखभाल की जरुरत होती है, नही तो उनके लिए यह मौसम परेशानी भरा बन जाता है इस मौसम में विशेषकर उन्हें ध्यानपूर्वक रहना चाहिए जो किसी भी बीमारी से पहले से ही पीड़ित होते है, क्योंकि मानसून का बैक्टरिया उन्हें अत्यधिक संक्रमित कर सकता है

मानसून के दौरान स्वस्थ रहने के लिए करे :

स्वस्थ्य और संतुलित आहार हमारे शरीर में पोषक तत्वों को पूरा करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। इम्युनिटी को बढ़ाने के लिय मानसून में हाइड्रेटेड रहना अवश्यक होता है चीनी और तले भुने खाद्य पदार्थो का सेवन भी हानिकारक होता हैं, ये हमारे इम्यून सिस्टम को भी कमजोर करता हैस्वस्थ रहने के लिय मानसून के मौसम में पर्याप्त नींद भी अति अवश्यक होती है इसके साथ ही हमें कुछ घरेलु स्वस्थ पेय पदार्थो का सेवन भी करना चाहिए जिससे हमारी इम्युनिटी मजबूत होसाथ ही फलो और सब्जियों का सेवन भी अवश्य करना चाहिए, जो हमारे शरीर को संक्रमण से लड़ने की क्षमता देते है अंकुरित अनाज, दूध इत्यादि को अपने भोजन में शामिल अवश्य करना चाहिए दोस्तों अब हम जानेगें कि किनकिन पेय पदार्थो का उपयोग मानसून से राहत दिलाने में सहायक होता है

(1) तुलसी की चाय :- 

 

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मानसून के मौसम में तुलसी का उपयोग बहुत ही फायदेमंद होता है तुलसी एंटीबैक्ट्रियल होता है जिस कारण सर्दी, खाँसी, बुखार जैसे फ्लू में तुलसी का चाय या काढ़ा बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है मानसून में तुलसी के पतों को चबाने से भी मुहँ में बक्टीरिया को बढ़ने नही देता है और फ्लू को बढ़ने से रोकता है तुलसी के साथ शहद, अदरक,दालचीनी, लहसुन जैसे पदार्थो का सेवन भी करना चाहिए

(2) हल्दी और काली मिर्च का सेवन
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मानसून के मौसम में हल्दी का उपयोग सम्पूर्ण रूप से बैक्ट्रियल इन्फेक्शन को दूर रखता हैहल्दी हमारे रसोई का एक महत्वपूर्ण और गुणों से भरपूर तत्व है, जो मसालों के रूप में प्रयोग होता हैइसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के साथ ही करकूमिन भी पाया जाता है हल्दी में मौजूद एंटीबैक्ट्रियल और एंटी फंगल गुण भी होते है, जो संक्रमण से रोकने में हमारी मदद करते हैबरसात में हम इसका प्रयोग काढ़ा या चाय के रूप में करे तो यह बहुत ही लाभकारी होता हैइसे हम शहद, कालीमिर्च, तुलसी, दालचीनी, घी इत्यादि को मिलाकर कालीचाय या काढ़ा बना सकते है, जो हमे सर्दी, खाँसी, जुकाम जैसे मानसून से होने वाले रोगो में अति लाभकारी होते है

(3) अदरक की चाय या काढ़ा :- 

 

 

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मानसून के दौरान अदरक को अपने आहार में शामिल करना चाहिए इसके अन्दर एंटी इन्फ्लेमेंट्री और एंटीबैक्ट्रियल गुण होते है पेट में अगर गैस बनी हो तो अदरक का एक टुकड़ा चूसने भर से गैस की समस्या में कमी हो जाती है, इसिलिय इसे एम्मुनिटी बूस्टर भी कहा जाता हैइसकी चाय या काढ़ा बनाने के लिय गरम पानी में कालीचाय के साथ शहद और नींबू को मिला कर पीने से इसकी गुणवता और भी बढ़ जाती  है साथ ही यह सर्दी, जुकाम जैसे मानसून की बीमारियों से भी बचाता है

(4) लहसुन और शहद का सेवन :- 

मानसून के मौसम में कच्चा लहसुन को पकाकर या कच्चा शहद के साथ खाने से यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता या एम्मुनिटी पावर को बढ़ा देता है क्योकि लहसुन की तासिर गर्म होती है, और शहद में रोगप्रतिरोधक क्षमता होती है, जिस कारण यह सर्दी एवं मानसून दोनों ही मौसम में अति लाभकारी होता है। मानसून या सर्दी में लहसून का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए जिससे सर्दी खाँसी जैसे मानसूनी बीमारियों से बचा जा सके

लहसून का प्रयोग हम दो तरीके से कर सकते है

(1)  लहसून की चार कली को छीलकर शहद के साथ सुबहसुबह खाली पेट ले सकते है

(2)   दूसरा तरीका यह है कि कुछ लहसून की कलियों को छीलकर और कूचकर कांच के जार में शहद के साथ डालकर रख दे और कुछ दिनों के बाद प्रतिदिन इसका सेवन करे। यदि नमी के कारन ख़राब होने का डर हो तो इसे फ्रिज में भी रख सकते है

मानसून के दौरान स्वस्थ रहने के लिए स्वछता भी अतिआवश्यक है आइये जानते है कि इसके लिए क्याक्या करना चाहिए : –

1. यदि घर से बाहर जाते है तो यह ध्यान रखना अतिआवश्यक है की हम बारिश में भीगने से बचे, यदि भींग भी जाए तो घर आकर तुरंत स्नान करना चाहिए क्योंकि बारिश के पानी में एसिड पाया जाता है जिससे हमारे शारीर को नुकसान हो सकता है हमरे शारीर को संक्रमित कर सकता है

2. मानसून के मौसम में अपने घर की साफसफाई बहुत ही जरुरी हो जाती है। अपने घर अथवा आसपास जलजमाव नही होने देना चाहिए क्योंकि इससे मच्छर एवम अन्य कीटों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है

3. बारिश से बचने के लिए रेनकोट और छाता का प्रयोग करना चाहिए घर का शुद्ध पानी ही पीना चाहिए क्योंकि मानसून में पानी के दूषित होने की प्रबल सम्भावन रहती है कितनी बार ऐसा होता है की संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्म कीटाणु पानी में प्रवेश कर जाते है यदि हम उस पानी को पीते है तो बीमार होने की सम्भावन बढ़ जाती है इससे बचने के लिए हमे पानी को उबाल कर पीना चाहिए

4. मानसून में हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए है कि कपड़ो और जूतों में नमी रहे क्योंकि बारिश के कारण इसमें नमी जाती है और फंगस लग जाते है, जो हमारे शरीर को संक्रमित भी कर सकते है

    मानसून के दौरान रोगों से बचने के लिए 10 आवश्यक उपाय :-

   [1] मानसून के मौसम में उबला हुआ पानी पीने से इस मौसम में होने वाली बीमारियों जैसे हैजा, पेचीस दस्त, इत्यादि से बच सकते है

   [2] इस मौसम में स्ट्रीट फ़ूड बिल्कुल भी नही खाना चाहिए, क्योकि इसको बनाने में जो पानी उपयोग किया जाता है वह साफ और स्वच्छ नही होता है साथ ही खुले में पकाने और खाने के कारण कीटाणुओं और जीवाणुओं के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है 

   [3] प्री कट फूड्स अर्थात पहले से कटी हुई सब्जियों और फलो का सेवन नही करना चाहिए क्योकि ये कीटाणुओं और जीवाणुओं को फैला सकते है

  [4] मांसाहार का सेवन नही करे मांस में प्रोटीन अधिक होता है जिस कारण यह शरीर में पचने में ज्यदा समय लेता है | इसके साथ ही यह ज्यादतर खुले में भी बिकता है, इसलिए इसका सेवन मानसून में के बराबर करना चाहिए

   [5] मानसून के दौरान नियमित फिटनेस दिनचर्या बनाए रखने के लिय प्रयासरत रहना चाहिए, क्योकि बारिश में बीमारियों का खतरा ज्यदा रहता है दैनिक व्यायाम सुरक्षित और स्वस्थ्य रहने में मदद करता है

   [6] मानसून में हरी सब्जियों का सेवन बहुत जरूरी है लेकिन पत्तागोभी, पालक और अन्य साग, फूलगोभी, ब्रोकली जैसी सब्जियों का सेवन नही के बराबर करना चाहिए, क्योकि इसमें तरहतरह के कीटाणु हो सकते है जो हमारे स्वास्थ्य के लिय नुकसानदायक साबित हो सकते है

   [7] मानसून में शरीर की साफ सफाई का ध्यान रखना अतिआवश्यक होता है विशेष कर हाथ का, क्योंकी हमारे शरीर में ज्यादातर कीटाणुओं का प्रवेश हाथो के द्वारा ही होता है। अतः हाथो की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए

   [8] मानसून के मौसम में गर्म पानी से स्नान करना चाहिए है, क्योकि यह शरीर को आराम देने के साथसाथ गंदगी और कीटाणुओं को भी दूर रखने में सहायक  होता है

   [9] मानसून के मौसम में पानी का जमाव होना या स्थिर होना मच्छरों के पनपने के साथसाथ डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का एक मुख्य कारण हो सकता है इसलिए यह ध्यान रखना अतिआवश्यक है की अपने आस पास साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें

   [10] मानसून के मौसम में त्वचा सम्बन्धी रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है खुजली, दाने, लाल चकते, रूखापन, टैनिंग, फोड़े फुंशी, मुहासे, फंगल, इन्फेक्शन जैसी समस्याएं होने की सम्भावना बनी रहती हैजानकारों के अनुसार बारिश में नमी बहुत बढ़ जाती है जिससे त्वचा में तैलीय ग्रंथियों का बढ़ जाना भी सामान्य है और इन्ही कारणों से त्वचा सम्बन्धी रोग भी हो जाते है इन सबसे बचने के लिय हमे नीम के पतों का लेप, हल्दी का लेप, सेव के सिरके का प्रयोग, सरसों के तेल की मालिश इत्यादि करना चाहिए फिर भी अगर परेशानी कम हो तो त्वचा के डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए

    दोस्तों इस तरह से कुछ उपाय करके हम मानसून से होनेवाली परेशानियो से बच सकते है, मुझे उम्मीद है की मेरी दी हुई जानकारी आपके लिय लाभप्रद होगी                   

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